योगदानकर्ता

23 सितंबर 2013

पूत के पांव

":अबे !!! यो जगह मेरी !! 
मैं बठुगा यहाँ !! 
मेरे बापू ने कहा था सिब से आगे बैठियो ,
म्हारे दादे की जमीन पे स्कूल चले हैं !! वरना देख ले तेरा क्या होगा !! "
१५ साल के धीरज ने बस्ता रखते हुए अविनाश को लगभग धकियाते हुए कहा और इस अचानक धक्केसे
वोह गिर पढ़ा उसका सर पीछे वाली मेज के कोने से लगा और सर से खून बहने लगा .. सब बच्चे घबरा गये धीरज ने सबको धमकी दी के
" गर किसे ने भी म्हारा नाम लिया तो स्कूल के बहार सबको पिट दूंगा "!!
क्लास का दबंग बच्चा और सब चुपचाप बैठ गये अविनाश का रोना जोरो से चालू था तभी कक्षा में अध्यापिका ने प्रवेश किया और अविनाश को जोर से डांट ते हुए बोली चलो चुपचाप अपनी सीट पर .....और जब उसके सर पर बहता खून देखा तो अध्यापिका भी घबरा गयी एक दम से बोली यह क्या हुआ इसके पहले की सब बच्चे कुछ बोलते धीरज बोला मिस यह उधम मचा रहा था खुद गिरा और नाम मेरा लगा रहा हैं ... तभी पल्लवी ने कहा नही टीचर यह धीरज की गलती हैं ." साली बाहर निकल तब बताउंगा !!! स्कूल से नाम न कटा दिया तो देखना .!! कहते हुए धीरज नेपल्लवी के बाल पकड़ लिए !! बीच बचाव में बड़ी मुश्किल से अध्यापिका को पल्लवी को अलग किया और जब धीरज को समझाने के लिय आगे बढ़ी तो वोह अंगुली देखाते हुए बोला ओ टीचर फालतू मत बोल !! अभी ज्वाइन किया न स्कूल !!! अध्यापिका सोचने लगी धीरज की धमकी के बारे में उसके संस्कारों के बारे .............और अपनी नौकरी के बारे में ........

पूत के पांव पालने में दिखाए दे रहे थे

नीलिमा शर्मा
एक टिप्पणी भेजें