." मन का कोना " कभी दरकार रहती थी हमें एक अदद कोने की...... पूरे घर में सिर्फ और सिर्फ अपने लिए .... .आज घर भी वही हैं हम भी वही ........ पर कोने हमें ढूढ़ते हैं अब
wah ji etne akele kyu ho aap hmmm but bahut acha likha aapne hm :)
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